अभिशाप त्रेता युग का [ भाग 2 ]

किशोर आर्यन की बात का जवाब दे उससे पहले ही, किशोर की पत्नी जानकी दरवाजे पर आ जाती है और दोनों को अंदर बुलाती है.
जानकी और आर्यन 15 साल बाद मिल रहे थे, इसलिए वह दोनों भावुक हो गए और एक दूसरे के गले मिल गए.
बचपन में आर्यन अपनी मां के साथ जितना वक्त नहीं बताता था, उतना वक्त वह जानकी के साथ बिताता था, जानकी उसके लिए मां से भी बढ़कर थी, और जान की भी आर्यन को अपने बेटे की तरह प्यार करती थी.
जानकी और आर्यन को इस तरह देख कर किशोर कहता है,
अब तुम दोनों यहीं खड़े रहोगे क्या?
चलो अंदर चलो और बाकी सारी बातें अंदर ही करना.
किशोर की आवाज सुनकर जानकी और आर्यन अपनी यादों से बाहर आते हैं और घर के अंदर चले जाते हैं.
घर के अंदर पहुंचते ही आर्यन जानकी से पूछता है,
बड़ी मां नीता भाभी और जय भैया कहां है?
आर्यन का यह सवाल सुनकर जानकी की आंखों में आंसू आ गऐ, जानकी को इस तरह देख कर आर्यन को ऐसा लगा कि उसने कुछ गलत पूछ लिया.
थोड़ी देर शांत रहने के बाद जानकी आर्यन के सवाल का जवाब देते हुए कहती है,
तेरे बोर्डिंग स्कूल जाने के बाद, जय इस दुनिया से चला गया आरजे की मौत के बाद, नीता की दिमागी हालत खराब हो गई, इसलिए उसे कमरे में बंद करके रखना पड़ता है.
आर्यन को यह सब सुनकर बहुत दुख हुआ, जीआरएन जब छोटा था सुनीता और जो उसके साथ खेला करते थे और उसकी देखभाल भी करते थे.
आर्यन जाना तो चाहता था कि जय को क्या हुआ, पर वह जानकी से पूछ नहीं पाता है, क्योंकि जान के पहले ही बहुत भावुक हो चुकी थी, इसलिए आर्यन अपने सवालों को अपने मन में ही रखता है.
आर्यन की खामोशी देखकर जानकी आर्यन से कहती है, तुम चाहो तो नेता से मिल सकते हो वह घर में ही है.
आर्यन जानकी की बात सुनकर खुश हो जाता है, और खुशी से पूछता है,
कहां है वह?
जानकी काव्य को आवाज देकर बुलाती है, जानकी की आवाज सुनकर काव्या थोड़ी ही देर में वहां आ जाती है, जानकी आर्यन से पूछती है.
पहचानता है इसे?
आर्यन अपने चेहरे पर मुस्कान लाते हुए कहता है,
हां बड़ी माई याद है मुझे, यह काव्य है मेरी बचपन की दोस्त ऐसे कैसे भूल सकता हूं.
आर्यन की बात सुनकर काव्या मन ही मन खुश हो जाती है, और हो भी क्यों ना, काव्या बचपन से आर्यन को पसंद करती थी, पर आर्यन को इस बारे में कुछ नहीं पता था.
काव्या ने अपने दिल की बात कभी भी आर्यन को नहीं बताई थी, काव्या को इस बात का डर था कि आर्यन उसके रंग की वजह से उसे कभी पसंद नहीं करेगा.
काव्या आर्यन की तरफ एक ही नजर से देख रही थी जैसे कि वह आर्यन की आंखों में खो गई हो.
काव्या को ऐसे देख कर जानकी काव्य को टोकते हुए कहती है.
खड़ी खड़ी देख कर आ रही है?
आर्यन नीता से मिलना चाहता है, उसे को नीता का कमरा दिखा.
जानकी की बात सुनकर काव्या घबरा जाती है, और जानकि से कहते हैं.
अब जानती है ना मुझे नीता भाभी से डर लगता है.
जानकी काव्या को डांटते हुए कहती है,
सारा दिन यहां से वहां घूमती रहती है, और जब काम दो तो बहाने बनाती है, जा चुपचाप आर्यन को नीता का कमरा दिखा.
इतना कहकर जानकी आर्यन और काव्या को अकेले छोड़कर किचन में चली जाती है, और किशोर भी अपने कमरे में चला जाता है.
काव्या वैसे तो डरी हुई थी, पर वह जानती थी, की आर्यन की सगाई हो चुकी है अब आर्यन के साथ समय बिताने का इससे अच्छा मौका उसे दोबारा नहीं मिलेगा, इसलिए वह आर्यन को नीता के कमरे की तरफ ले जाती है.
चलते चलते आर्यन काव्या से पूछता है,
जय भैया को क्या हुआ था?
आर्यन का सवाल सुनकर काव्या के चेहरे की मुस्कान गायब सी हो जाती है.
आर्यन को समझ आ जाता है, की उसे यह नहीं पूछना चाहिए था, आर्यन माफी मांगते हुए कहता है,
आई एम सॉरी, मुझे यह नहीं पूछना चाहिए था.
काव्या बड़ी सीरियस होकर आर्यन से कहती है,
नीता भाभी के सामने जय भैया का नाम मत लेना.
बातें करते करते वह दोनों कब नीता के कमरे तक पहुंच गए उन्हें पता ही नहीं चला.
काव्या आर्यन को अदा करते हुए कहती है,
नीता भाभी की तबीयत ठीक नहीं है, तुम उनसे हो सके उतना दूर रहने की कोशिश करना.
आर्यन काव्या की बातों पर ध्यान नहीं देता, और कमरे में अंदर चला जाता है.
और काव्या नीता के डर से कमरे के बाहर ही खड़ी रहती है.
आर्यन नीता को आवाज लगाता है,
नीता भाभी कहां हैं आप?
पर अंदर से कोई जवाब नहीं आती.
आर्यन फिर से नीता को आवाज लगाता है,
नीता भाभी मैं आर्यन, पहचाना मुझे?
आर्यन की आवाज लगाने के बावजूद अंदर से कोई आवाज नहीं आती है, आर्यन मन ही मन में सोच रहा था कि नीता भाभी जवाब क्यों नहीं दे रही, तभी कमरे में से किसी औरत के रोने की आवाज आती है.
आर्यन रोने की आवास की तरफ अपने कदम बढ़ाता है, और से थोड़ी ही दूर एक औरत दिखाई देती है जिसने सफेद साड़ी पहनी हुई थी, और उसके खुले बाल उसके चेहरे पर आए हुए थे.
आर्यन उस औरत की तरफ कदम बढ़ाता है, उस औरत के पास जाने पर आर्यन को उसका चेहरा दिखाई देता है, वह और कोई नहीं बल्कि नीता थी.

नीता के चेहरे से साफ पता चल रहा था, कि वह एक जिंदा लाश की तरह जी रही है, उसका शरीर सुख के कांटा हो गया था, उसकी आंखों के नीचे काले घेरे आ गए थे.
आर्यन को नीता की हालत पर तरस आ रहा था, पर वह कुछ नहीं कर सकता था.
आर्यन नीता से कहता है,
नीता भाभी आपने मुझे पहचाना मैं आपका आर्यन?
नीता अपने आंसू पोछते हुए आर्यन की तरफ देखती है, फिर वह आर्यन को अपने गले लगा लेती है, नीता की हालत देखकर आर्यन की आंखों में पानी आ जाता है, अचानक नीता आर्यन को धक्का दे देती है और आर्यन दूर जाकर गिरता है,
नीता अचानक से पूरी तरह बदल गए थी, पता नहीं उसमें कौन सी ताकत आ गई थी जो उसने आर्यन को इतनी दूर तक धक्का दे दिया.
नीता आर्यन से कहती है,
चला जा यहां से चला जा यहां से वह तुझे भी मार देगी.
नीता बार-बार यही बात दोहरा रही थी.
नीता की बात सुनकर आर्यन के मन में यह सवाल आता है नीता भाभी किसकी बात कर रही है कौन मुझे मार देगी? और उसने पहले किसको मारा था?
आर्यन नीता से कुछ पूछे उससे पहले ही बाहर खड़ी काव्या को नीता के चिल्लाने की आवाज आती है और वह कमरे के अंदर आ जाती हैं.
काव्या आर्यन से कहती है भाभी को पकड़ो हमें उन्हें बेहोश करना होगा आर्यन काव्या की बात मान कर नीता को पकड़ता है और काव्या नीता के टेबल में से इंजेक्शन निकाल के नीता के हाथ पर लगा देती है, इंजेक्शन के लगते हैं नीता बेहोश हो जाती है.
आर्यन काव्या से पूछता है तुम्हें यह सब कैसे आता है.
काव्या आर्यन की बात का जवाब देती है मैं नर्स हूं मुझे तो यह सब आना ही चाहिए इतना कहने के बाद काव्या अपने चेहरे पर प्यारी सी मुस्कान लाती है,
काव्या आर्यन पर गुस्सा होते हुए कहती है मैंने कहा था ना नीता भाभी से दूर रहना पर तुमने मेरी बात नहीं मानी.
आर्यन को अपनी गलती का एहसास होता है और वह माफी मांगता है.
काव्या आर्यन से कहती है आगे से ध्यान रखना आर्यन उसकी बात में हमी भरता है, काव्या आर्यन को लेकर ऊपर की मंजिल पर जाती है.
आर्यन पूछता है अब हम कहां जा रहे हैं काव्या कहती है अब तुम यही रहने वाले हो तो तुम्हें तुम्हारा कमरा दिखा दो ताकि तू फ्रेश हो जाओ.
बातें करते करते वह दोनों कब आ रही है उनके कमरे तक पहुंच गए उन्हें पता ही नहीं चला, काव्या एक कमरे का दरवाजा खोलती है और कहती है आज से तुम्हारा कमरा है आज से तुम यही रहोगे.
आर्यन कमरे में जाकर अपने आप बैग अपने बेड पर रखता है और उसमें से कपड़े निकालने लगता है,
और कपड़े बदलने के लिए अपनी शर्ट उतारने ही वाला था पर रुक जाता है और पलट कर देखता है वह दिखता है कि काव्या अभी तक दरवाजे पर ही खड़ी है वह काव्या से कहता है,
तुम अभी तक गई नहीं?
आर्यन की आवाज से काव्या अपने ख्यालों की दुनिया से बाहर आती है और बिना कोई जवाब दिए वहां से चली जाती है.
आर्यन काव्या पर ज्यादा ध्यान ना देकर कमरे का दरवाजा बंद कर देता है और नहाने चला जाता है.
फ्रेश होने के बाद आर्यन को बार-बार नीता की बातें याद आ रही थी,
आर्यन को समझ नहीं आ रहा था कि नेता क्यों उसे जाने के लिए कह रही थी और कौन है जो मुझे मारना चाहेगा ?


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